
अंबेडकर नगर
जलालपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा पाभीपुर के पुरवा दिनकरपुर में बीते 15 साल से सरकारी नलकूप खराब पड़ा है। नलकूप का भवन झाड़ियों से घिर गया है। ऐसे में यहां के किसान करीब 200 एकड़ खेती की सिंचाई निजी व किराए के संसाधनों से करने को मजबूर हैं।
जिले में पांच लाख से अधिक किसान खेती पर निर्भर हैं। इनकी सिंचाई के लिए हर 200 से अधिक सरकारी नलकूप संचालित हैं। इन नलकूपों का सही ढंग से संचालन न होने से आए दिन मोटर खराब हो जाती है। इसके चलते किसानों को मजबूरन निजी ट्यूबवेल से खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। फसल की पैदावार का खर्च बढ़ने से मुनाफा घट रहा है।
ग्राम प्रधान पाभीपुर राम आशीष यादव ने बताया कि बंद सरकारी नलकूप को ठीक कराने की जरूरत हैं। लंबे समय से यह खराब पड़ा है। ऐसे में सिंचाई के लिए निजी नलकूप ही सहारा हैं। सरकारी नलकूप सही करा दिया जाए तो कम खर्च में अच्छी पैदावार होने से उत्पादन में लाभ बढ़ जाएगा। कई बार अधिकारियोंं से शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
पाभीपुर निवासी भूप नारायण पांडेय ने बताया गांव में लगा सरकारी नलकूप की नालियां भी टूट चुकी हैं। कभी ये नलकूप किसानोंं की सिंचाई का साधन हुआ करता था, जो अब बदहाली का दंश झेल रहा है। बड़े किसानों के पास खुद के संसाधन है। लेकिन छोटे किसान अपनी फसल की सिंचाई निजी ट्यूबवेल से करने को मजबूर हैं।
दिनकरपुर निवासी पिंटू यादव ने बताया कि सरकारी नलकूप खराब होने से सिंचाई मेंं समस्या होती है। दूर दराज से पाइप के सहारे सिंचाई करना मजबूरी है। नलकूप विभाग से कई बार शिकायत भी की गई, इसके बाद भी इसे ठीक कराने की जहमत जिम्मेदार न हीं ले रहे हैं।





